आईएनएसपीईसीटी'24 :इंटेलिजेंट सिग्नल प्रोसेसिंग और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज में हो रही प्रगति का प्रदर्शित
ग्वालियर।एबीवी- आईआईआईटीएम ग्वालियर में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटेलिजेंट सिग्नल प्रोसेसिंग एंड इफेक्टिव कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज (INSPECT'24) में दुनियाभर के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों ने इंटेलिजेंट सिग्नल प्रोसेसिंग और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज में हो रही प्रगति को प्रदर्शित किया और उन पर चर्चा की।
संस्थान के इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 7-8 दिसम्बर को आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. भरतेंदु कुमार सिंह, निदेशक पीडीपीएम आईआईआईटीडीएम जबलपुर उपस्थित थे। प्रो. सिंह ने अकादमिक और उद्योग के सहयोग के महत्व पर जोर दिया, खासकर उभरती तकनीकी चुनौतियों का सामना करने में। सम्मानित अतिथि, प्रो. जी.एस.तोमर, आईईईई एमपी सेक्शन के चेयरमैन ने INSPECT जैसे मंचों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। प्रो. एस.एन. सिंह, एबीवी- आईआईआईटीएम ग्वालियर के निदेशक और कार्यक्रम के संरक्षक और प्रो. मनीषा पटनायक, विभागाध्यक्ष, ट्रिपल ई विभाग ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और संस्थान की शोध और तकनीकी प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः व्यक्त किया।
कॉन्फ्रेंस का आयोजन डॉ. आई. ए. अंसारी, डॉ. विनाल पटेल, डॉ. प्रज्ञा स्वामी, डॉ. दीपक के. देवांगन, डॉ. बिनोद प्रसाद और डॉ. गौरव शर्मा की समर्पित टीम द्वारा किया गया, जिनकी मेहनत ने इस भव्य आयोजन के सफल संचालन को सुनिश्चित किया।
आईएनएसपीईसीटी'24 ने चार प्रभावशाली कीनोट टॉक का आयोजन किया। जापान के विश्वविद्यालय रियूक्यूज़ के प्रो. फायर टी. वादा ने भारत की क्षमता को वैश्विक नेता बनने के लिए बताया, जो मोबाइल और ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजीज में नवाचार और रणनीतिक निवेश के माध्यम से संभव हो सकता है।आईआईटी रुड़की की प्रो. मिल्ली पंत ने निर्णय लेने में ए.आई के बारे में एक गहन चर्चा की, जिसमें प्रक्रियाओं को ऑप्टिमाइज करने और इंटेलिजेंट सिस्टम्स को बढ़ावा देने की क्षमता का पता लगाया। डीआरडीओ के विशेषज्ञ निरोज सेठी और हेमेंथ कुमार ने उभरती रक्षा प्रौद्योगिकियों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विचार प्रस्तुत किए।
इस कॉन्फ्रेंस में दुनियाभर से 550+ रिसर्च पेपर सबमिशन प्राप्त हुए, जिनमें से केवल 150+ पेपरों को प्रेजेंटेशन के लिए चुना गया, जिससे चयन दर 30% से कम रही। इन पेपरों ने महत्वपूर्ण चर्चाओं, ज्ञान साझा करने और नवोन्मेषी विचारों को जन्म दिया, जो इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
इस आयोजन की एक मुख्य विशेषता थी 7 बेहतरीन पेपर अवार्ड्स का वितरण: प्रत्येक ट्रैक से 5 सर्वश्रेष्ठ पेपर अवार्ड्स, 1 सर्वश्रेष्ठ ओवरऑल पेपर और 1 सर्वश्रेष्ठ छात्र पेपर अवार्ड। इन पुरस्कारों ने अभूतपूर्व शोध और इसके उद्योग एवं समाज पर प्रभाव को मान्यता दी।आईईईई एमपी सेक्शन, डीआरडीओ और अन्य प्रतिष्ठित सहयोगियों द्वारा समर्थित आईएनएसपीईसीटी'24: ने शैक्षिक उत्कृष्टता और सहयोग के लिए एक मानक स्थापित किया। इस कॉन्फ्रेंस ने प्रतिभागियों को उभरती तकनीकी क्षेत्रों में योगदान देने और वैश्विक चुनौतियों को नवोन्मेषी समाधान के साथ हल करने के लिए प्रेरित किया। यह जानकारी संस्थान की मीडिया प्रभारी श्रीमती दीपा सिंह सिसोदिया के द्वारा दी गयी।