छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे गढ़ा गांव में ढाबे पर बनाई गई धर्मशाला की दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। दीवार के मलबे में दबने से उत्तर प्रदेश निवासी 40 वर्षीय महिला श्रद्धालु अनीता देवी खरवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 अन्य श्रद्धालु घायल हो गए हैं। इनमें 7 लोग उत्तर प्रदेश, एक उत्तराखंड जबकि दो पश्चिम बंगाल के हैं।छतरपुर जिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक 4 घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया है।वही 7 को माइनर इंजरीज हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है।इस दौरान मुंशीलाल कश्यप पुत्र नत्थू लाल, उम्र 72 वर्ष, निवासी सैलानपुर, पिलह (उ. प्र.), अरविन्द कुमार पटेल पुत्र ओंकार नाथ, उम्र 17 वर्ष निवासी नारायणपुर, जिला मिर्जापुर (उ.प्र.), अंशिका कुमारी कहार पुत्री राजू, उम्र 18 वर्ष निवासी जोगवां, जिला मिर्जापुर (उ.प्र.), कौशल सैनी पत्नी राजकुमार, उम्र 18 वर्ष निवासी रुड़की, जिला हरिद्वार (उत्तराखंड),गुलाबचंद साहू पुत्र जदुनी, उम्र 55 वर्ष निवासी हवरा-2, जिला हावड़ा (प. बंगाल), पूनम देवी खरवार पत्नी नामोहर प्रसाद, उम्र 38 वर्ष, निवासी जोंगवा, जिला मिर्जापुर (उ.प्र.),प्रिया कुमारी खरवार पुत्री नामोहर प्रसाद, उम्र 17 वर्ष निवासी जोंगवा, जिला मिर्जापुर (उ.प्र.),वीना देवी कश्यप पत्नी सुरेश, उम्र 50 वर्ष निवासी सुजानपुर, जिला बरेली (उ.प्र.),मंजू देवी कुर्मी पत्नी ओंकार नाथ, उम्र 40 वर्ष निवासी नारायणपुर, जिला मिर्जापुर (उ.प्र.) और धनेश्वरी देवी साहू पत्नी गुलाबचंद, उम्र 48 वर्ष निवासी हवरा-2, जिला हावड़ा (प. बंगाल) घायल हुए है।आपको बता दे कि इससे पहले 3 जुलाई को भी बागेश्वर धाम परिसर में ही टेंट गिर गया था।जिसमे एक श्रद्धालु श्यामलाल कौशल की मौत हो गई थी जबकि भगदड़ में 8 लोग घायल हुए थे।हालाकि धाम ने इस खबर की पुष्टि नहीं की थी।