मामला 13 दिसंबर 2024 का है जब प्रदेश के 8वें टाइगर रिजर्व के रूप में भोपाल के रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण किया गया था। इस दौरान एक बाइक रैली का भी आयोजन किया गया था।आरोप है कि वन विभाग ने करीब एक घंटे के इस कार्यक्रम को लेकर करीब 27 लाख खर्च कर दिए गए। अकेले बाइक में पेट्रोल डलवाने के नाम पर 7 लाख रुपए से ज्यादा खर्च ओर भोजन व्यवस्था पर करीब 11.50 लाख का खर्च बताकर बिल बनाया गया।इतना ही नहीं 2.36 लाख रुपए हेलमेट पर खर्च कर दिए गए।आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने अपनी शिकायत में लिखा कि रातापानी टाइगर रिजर्व के लोकार्पण के मौके पर भोपाल डीएफओ ने 5 हजार लोगों को भोजन कराया है। जबकि वीडियो और तस्वीरें इतनी अधिक संख्या नहीं है।इस आयोजन में बाइकर्स की रैली में शामिल बाइक की संख्या पर भी सवाल उठे हैं। डीएफओ भोपाल रैली में साढ़े तीन हजार बाइकर्स के शामिल होने की बात बताई जबकि यह संख्या काफी कम बताई जा रही है।इस बाइक रैली के नाम पर 7 लाख रुपए से अधिक का खर्च होना भी बताया गया है।
एक घंटे में चंद किलोमीटर के आयोजन में 26 लाख 43 हजार 652 रुपए खर्च किए गए।सबसे बड़ी बात यह है कि कार्यक्रम में इतनी मोटी रकम खर्च की गई जबकि रातापानी टाइगर रिजर्व भोपाल वनमंडल का हिस्सा ही नहीं है।इस मामले के खुलासे के बाद मुख्यमंत्री क्या एक्शन लेते है यह बात जल्दी सामने आएगी।क्योंकि मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में जुड़े थे।भोपाल।मध्य प्रदेश में केवल 1 घंटे के कार्यक्रम में करीब 26.43 लाख रुपए का शाही खर्चा समाने आया है।आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से शिकायत कर आरोपी अफसर, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ शुभ रंजन सेन और भोपाल डीएफओ लोकप्रिय भारती को तत्काल हटाने ओर इसकी लोकायुक्त से जांच की मांग की।