धावक फौजा सिंह की दुर्घटना में मौत वास्तव में उनकी हत्या है: रघु ठाकुर

दिल्ली।लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संरक्षक रघु ठाकुर ने धावक फौजा सिंह की दुर्घटना में मौत वास्तव में उनकी हत्या बताया।114 वर्ष की उम्र के धावक फौजा सिंह जो अपने गांव में ही रहते थे और पंजाब के गांव ब्यास पिंड से सड़क पर टहलने को निकले थे उन्हें एक वाहन ने टक्कर मारी  तथा इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई ।
     लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संरक्षक रघु ठाकुर ने कहा कि यह घटना अकेले फौजा सिंह की नहीं है बल्कि सारे देश में बड़ी-बड़ी कारों के मालिक लोग सड़क चलते आम व निर्दोष लोगों की फुटपाथ पर सो रहे लोगों की कुचलकर हत्याएं कर रहे हैं । कानून इतना कमजोर है कि ऐसे हत्यारों के लिए एक प्रकार के बचाने का ही काम करता है। अगर पकड़े जाएंगे तो किसी गरीब चालक का नाम लिखा देंगे ।उसके ऊपर अपराध बनवा देंगे और उसे भी मर्डर विदाउट इंटेंशन यानी उद्देश्य वीहीन हत्या में मामूली सी सजा होगी।
श्री ठाकुर ने कहा कि मैं भारत सरकार से कहना चाहता हूं कि इस प्रकार की हत्याएं चालक लोग या बड़ी-बडी गाड़ियों के मालिक लोग जो भी करे उन्हें दंड मिलना चाहिए। आजकल ये पैसे वाले करोड़ों की गाड़ियां लेकर चलते हैं  शराब पी कर मद मत्त होकर गाड़ियां चलाते या दौड़ाते नहीं बल्कि उड़ाते हैं इन्हें रोकना बहुत जरूरी है ।
खुद भारत सरकार ने स्वीकार किया है कि पिछले एक वर्ष में लगभग डेढ़ लाख  सड़क पर चलने वालों की दुर्घटनाओं से मौत हुई है। एक आम आदमी को चलना भी उनके जीवन के लिए घातक हो गया है ।
श्री ठाकुर ने कहा कि फोजा सिंह की मृत्यु इसलिए भी बहुत दुखद है कि वह इस उम्र में भी दौड़ते थे ।उन्होंने तो 80 साल की उम्र में दौड़ना शुरू किया था। साथ ही वह एक बड़े देशभक्त भी थे ।उनका एक बेटा सुखविंदर सिंह जो लंदन में है दो बेटियां हैं जो लंदन और कनाडा में रह रही हैं वह उनके पास नहीं रहे ।कुछ दिन के लिए रहे उसके बाद उन्होंने कहा कि मैं अपने गांव में वापस जाऊंगा ।और वह कहते थे की मराँ ता अपने देश विच मराँ , अपने पिंड विच मराँ। याने  मरना है तो है ही अपने देश में म रेंगे वहां पर अपने लोगों के बीच मरेंगे  अपने पिंड विच मराँ।परंतु उन्होंने यह नहीं चाहा था कि अपने देश में अपने पिंड के लोगों के बीच में एक गाड़ी वाला उनको को मार के चला जाए। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी फ़ौजा सिंह जी को अपनी विनम्र में श्रद्धांजलि अर्पित करती है और भारत सरकार से अपील करती है विशेषकर गृहमंत्री  अमित शाह जी से अपील करती है कि वह कानून में संशोधन करायें और जो भी दोषी हो,गाड़ी मालिक होया चालक उसे तथा साथ में गाड़ी मालिक को भी हत्या का अपराधी बनाया जाए। दूसरे जो भी गाड़ी  चालक एक निर्धारित रफ्तार से तेज गाड़ी चलाता है तो वह उद्देश्य हीन हत्या नहीं है बल्कि उसे उद्देश्य पूर्ण हत्या माना जाना चाहिए । और कानून में प्रावधान करें कि अगर गाड़ी की गति निर्धारित सीमा से ज्यादा है और कोई दुर्घटना होती है तो चालक के लिए पकोई भी क्यों ना हो वह मालिक हो या चालक हो जो भी हो उसके लिए हत्या का अपराधी ही माना जाना चाहिए तथा उसे उद्देश्य पूर्ण हत्या माना जाए और उसे कम से कम 20 वर्ष की सजा देने का प्रावधान होना चाहिए।