मुंबई।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 'फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया' (एफटीआईआई), पुणे और 'महाराष्ट्र फिल्म, थिएटर एंड कल्चरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' (एमएफएससीडीसी), मुंबई के बीच सामंजस्य समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य फिल्म, मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में काम करने के इच्छुक युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना है।इस दौरान मंत्री एड. आशीष शेलार FTII अध्यक्ष व अभिनेता आर. माधवन मुख्य रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वेव्स इंडेक्स के माध्यम से क्रिएटर्स इकोनॉमी की वृद्धि को रेखांकित किया जो केवल 100 दिनों में ₹92,000 करोड़ से बढ़कर ₹1 लाख करोड़ हो गया है। आज आम आदमी भी विधाता बन गया है। उन्होंने रचनात्मकता की शक्ति से अपना अलग स्थान बनाया है। रचनात्मक स्थान अब एक उत्पादन स्रोत में बदल रहा है, और इसलिए रचनाकारों की अर्थव्यवस्था दिन की जरूरत बन गई है, उन्होंने स्पष्ट किया।तेजी से बढ़ते रचनाकारों अर्थव्यवस्था क्षेत्र के लिए गुणवत्ता और प्रमाणित मानव संसाधन आवश्यक हैं। स्किल ट्रेनिंग के साथ साथ इसके लिए सर्टिफिकेट (सर्टिफिकेशन) भी उतना ही जरूरी है। कई लोगों को अवसर इसलिए नहीं मिलते क्योंकि उनके पास कौशल होते हुए भी प्रमाणपत्र नहीं होते। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सामंजस्यपूर्ण समझौता प्रशिक्षण और प्रमाणन दोनों को एक साथ लाएगा।एफटीआईआई और महाराष्ट्र सरकार के बीच इस सहयोग का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, एफटीआई एक ऐसा संगठन है जो देश और दुनिया को गुणवत्ता वाले कलाकार प्रदान करता है, जबकि महाराष्ट्र की फिल्मसिटी पेशेवर सिनेमा का आधार है। ये दो ठोस पारिस्थितिकी तंत्र अब एक तीसरे, अधिक शक्तिशाली और रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करने के लिए एक साथ आएंगे। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र देश और दुनिया की निर्माता अर्थव्यवस्था का केंद्र बनेगा।